Our Blog

#

Published on:  10-03-18

भारत में रोजगार की आवश्यकता |

Aadmiwala

जैसा की हम सभी जानते है की भारत को सभ्यता और संस्कृति का आइना कहा जाता है | जहाँ हमारा रोजगार भी हमारी संस्कृति को कही-न-कही दर्शाता है | जैसे की कभी कभी कोई काम हमारी इच्छा के विरुद्ध और हमारे पूर्वजो के अनुसार जाता है | पर चाहे कोई भी काम हो हमें हर काम में अपनी मेहनत , कार्यशक्ति पूर्ण रूप से डालनी पड़ती है | आज भी हमारे देश की आधी से ज्यादा जनसंख्या खेती पे निर्भर करती है | जहा किसान ही हमारे देश के मूल रूप से विकास के भागीदारी है | पर फिर भी हमारे देश में उनकी स्तिथि काफी दयनीय है | यहाँ हर १० मिनट में एक किसान आत्महत्या करता है | और यही कारण है कि अब लोग इस रोजगार से भी भाग रहे है , और गाँव को भी शहर का आकार दे रहे है | गाँव खत्म हो रहे है और शहर हम बना नही पा रहे है , तो हम कह सकते है हम बीच में लटके हुए है | आज उमीद्वारो की संख्या बढ़ रही है और रोजगारो की संख्या कम होती जा रही है | ऐसे में युवा को मौका नही मिल पा रहा है आगे बढ़कर खुद को साबित करने का | और यही कारण है कि अब लोगो की इच्छाशक्ति भी कमज़ोर पड़ रही है | रोजगार ना सिर्फ एक जरिया है , खुद को साबित करके अपनी ज़िन्दगी में स्थिरता लाने का बल्कि यह एक जरिया और भी है कि आप समाज में खुद की क्या छवि बनाते है | हमारे देश के रोज्गारियो के ऊपर ही ये निर्भर करता है की हम कितने विकसित है और कितने विकास की रह पर है | जब हमारे देश में लोग बेरोजगार रहेंगे तो ज़ाहिर सी बात है की वो दुसरे देशो में रोजगार की तलाश करेंगे | जो की हमारे देश के सामाजिक और आर्थिक दोनों परिकल्पनाओ के लिए हानिकारक है | जब हमारे देशवासी दुसरे देशो में काम करेंगे तो लोग यही कहेंगे की हम अपने देश में काम करने में सक्षम नही है , और उन सब के द्वारा भरे गये करो के लाफ भी उन्हें ही मिलेगा जो हमारी अर्थव्यवस्था को कमजोर बनाएगा | तो यह ज़रूरी है की हम सिर्फ नौकरी ढूंढे ना बल्कि देने लायक बने जो सिर्फ अपने व्यवसाय को शुरु करने से होगा.